शाहजहांपुर नगर निगम के बारे में

हमारे बारे में

हम स्थानीय प्रशासन “नगरीय स्थानीय निकाय” की एक संस्था है। उत्तर प्रदेश में इस निकाय की विभिन्न श्रेणियां हैं और हमें बतौर “नगर निगम” श्रेणीबद्ध किया गया है।

भारत के संविधान में संवैधानिक प्रावधानों के तहत हमारा सृजन हुआ है। वर्ष 1992 में संसद द्वारा प्रख्यापित 74वे संशोधन द्वारा हमारी कार्यप्रणाली काम करती है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने नगरीय स्थानीय निकायों के शासकीय अधिनियम में जरूरी संशोधन कराए हैं।

हमें नियंत्रित कौन करता है

स्थानीय प्रशासन की एक निकाय होने का कारण निम्न दो इकाइयों के बीच अंतर है:

  • विधायिका,
  • कार्यकारी

हमारी विधायिका एक शासी निकाय है। इस निकाय का चयन हमारे भौगोलिक क्षेत्र में आने वाले नागरिकों द्वारा ही किया जाता है। भौगोलिक क्षेत्र को चुनावी वार्डों से बनाया गया है। हर वार्ड से एक प्रतिनिधि चुना जाता है, जिसे शासी निकाय में भेजा जाता है। शासी निकाय के अन्य सदस्य होते हैं:

  • विधायक
  • सांसद
  • नगर पालिक आयुक्त
  • जिला मजिस्ट्रेट

शासी निकायों के लिए चुनाव, राज्य चुनाव आयोग द्वारा आयोजित किये जाते हैं। कोई भी व्यक्ति जो 18 वर्ष की उम्र से ज्यादा का है, वह मतदान करने के योग्य होगा(कुछ प्रतिबंध लागू होते हैं। अन्य किसी प्रकार की जानकारी के लिए राज्य चुनाव आयोग के लखनऊ, उत्तर प्रदेश कार्यालय पर संपर्क करें।) शासी निकाय संवैधानिक कार्यप्रणाली और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए अधिनियमों के अंतर्गत ही काम करती है।

कार्यकारी इकाई नगरपालिका आयुक्त द्वारा संचालित करी जाती है। नगरपालिका आयुक्त राज्य सरकार का अधिकारी होता है जो पीसीएस संवर्ग से संबंध रखता है और इनकी राज्य सरकार द्वारा प्रतिनियुक्ति होती है। आयुक्त, रोजाना के प्रशासनिक कार्यों को कराता है और नगरीय स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली को निष्पादित करता है। आयुक्त को अधिकारियों की एक टीम द्वारा सहायता प्रदान करता है, जो नगरीय स्थानीय निकाय से संबंधित होती है, जिसका कार्यकाल नगरीय स्थानीय निकाय में काफी लंबा रहा हो।

कानूनी प्रावधान

संसद द्वारा 74वें प्रख्यापित संशोधित अधिनियम में निम्न प्रमुख प्रावधान शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 74वें प्रख्यापित संशोधित अधिनियम द्वारा निर्धारित की गई कार्यप्रणाली में बहुत से संशोधन किए गए हैं:

  • राज्य चुनाव आयोग की स्थापना
  • राज्य वित्त आयोग की स्थापना

हम क्या करते हैं

हम अपने भौगोलिक क्षेत्र (जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित है) की परिस्थिति और अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए काफी कुछ करते हैं-

हमारे कुछ उपलब्धियां निम्न हैं:

  • रात के समय पर्याप्त सड़क पर लाइटों के प्रावधान को सुनिश्चित करना और उसे कार्यन्वयन करना।
  • राज्य वित्त आयोग की स्थापना करना।
  • जल आपूर्ति करना, उसका रखरखाव करना और नागरिकों तक पर्याप्त जल आपूर्ति को सुनिश्चित करना।
  • सड़कों का निर्माण और उसका रखरखाव सुनिश्चित करना।
  • अन्य नागरिक सेवाओं का प्रावधान, जैसे:
    • जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण और जरूरी प्रमाणपत्रों को जारी करना।
    • अपने क्षेत्र में औद्यानिक विकास करना।
    • पार्कों का विकास और उनका रखरखाव करना।

हमें मदद कर, अपनी मदद करें

हमारी कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए हमें आपके समर्थन की भी जरूरत है। हम हर वो प्रयास करेंगे जिससे आपकी जीवनशैली को बेहतर बनाया जा सके। इसलिए हमें मदद कर, अपनी मदद करें। निम्न क्षेत्र में हमें आपके समर्थन की जरूरत होगी:

1. हमें अपना क्षेत्र स्वच्छ रखने में मदद करें

  • कृप्या सड़क या सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा न फालाएं।
  • हमारे द्वारा निर्धारित स्थलों पर ही कूड़ा फेंके। इन स्थलों से हम नियमित रूप से कूड़ा हटाते हैं और डंपिंग यार्ड में फेंकते हैं।
  • कृप्या सड़कों या सार्वजनिक स्थलों पर न थूकें।

2. प्रदूषण नियंत्रण में हमारी मदद करें

  • अपने आसपास या अपने घरों में प्लास्टिक या अन्य प्रदूषण फैलाने वाली चीजें न जलाएं। इससे काफी मात्रा में धुआं उठता है और मानव और अन्य जीवों को हानि पहुचाने वाली गैसों का सृजन होता है, जो पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है।
  • सार्वजनिक स्थलों पर धुम्रपान न करें। यह कानूनी तौर पर भी जुर्म माना जाएगा।

3.ऊर्जा संरक्षण में हमारी मदद करें

4. अपने क्षेत्र को हरा-भरा बनाए रखने में हमारी मदद करें

  • हमारे द्वारा लगाए गए पेड़ों को न उखाड़ें और न ही उन्हें नष्ट करें।
  • अपने आस-पास ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं।

5. नियमित रूप से अपने कर का भुगतान करें

  • अपने संपत्ति कर का नियमित रूप से भुगतान करें।

मानव संसाधन

नगर निगम को अपने कार्यों को निष्पादित करने के लिए पर्याप्त मानव संसाधनों की जरूरत है। नगर निगम के कार्यों को निम्न तरीकों से निष्पादित किया जाता है:

  • नगर निगम अपने कार्यों के लिए या तो अपने मानव संसाधन का इस्तेमाल करता है या नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारी नगर विकास विभाग के संवर्ग से होते हैं, या फिर वो अन्य किसी विभाग से नगर निगम में तैनात किए जा सकते हैं।
  • नगर निगम में और संबंधित संवर्ग में तैनात कर्मचारी नगर विकास विभाग के होते हैं।
  • अन्य विभागों से कर्मचारियों की तैनाती (अपने संवर्ग से संबंधित):

उदाहरण के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी, चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैनात किया जाता है। नगर पालिका आयुक्त ज्यादातर पीसीएस (प्रांतीय सिविल सेवा) संवर्ग से संबंधित होता है और उसकी प्रतिनियुक्ति नगर पालिका में मानी जाती है।

नगर निगम के लिए उचित नगरीय विकास विभाग से संबंधित संवर्ग:

नगर निगम में कार्यरत कर्मचारी दो संवर्ग से आते हैं:

  • उत्तर प्रदेश पालिका केंद्रित सेवा संवर्ग।
  • उत्तर प्रदेश पालिका गैर-केंद्रित सेवा संवर्ग।

उत्तर प्रदेश पालिका केंद्रित सेवा संवर्ग: यह एक हस्तांतरणीय संवर्ग होता है। इस संवर्ग के सभी कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश केंद्रित सेवा नियम, 1966 द्वारा शासित किया जाता है। इस संवर्ग की सेवाएं पेंशन योग्य हैं। उत्तर प्रदेश पालिका गैर-केंद्रित सेवा संवर्ग: यह संवर्ग सभी कार्यों को निष्पादित करता है।

नगर निगम बहुत सी सेवाएं किसी अन्य पार्टी द्वारा निष्पादित कराता है। आज के आर्थिक संचालित बाजार में यह जरूरी हो गया है कि कोई भी संस्था अपने कार्य को निष्पादित करने के लिए अपनी रणनीति और लक्ष्य पर केंद्रित रहे। भारत में अन्य देशों (यूएस, यूके, कैनाडा, यूरोप) के विभिन्न सगठनों से भारत को बड़े स्तर पर सूचना तकनीक और तकनीकि सूचना आधिरित सेवाओं की आउटसोर्सिंग इस ट्रेंड को प्रदर्शित करती है।